रूह का सरल, रब्ब का बंदा था तू,
दर्द तो था, पर दिल से ज़िंदा था तू।
खुश हूं कि तू अब आबाद है।
जहां भी है, तू ज़िंदाबाद है।

माँ का लाडला, उसकी ज़िन्दगी का खूंटा था.
उसकी सुबह-शाम, दिन और रात, कुछ ना तुझसे छूटा था.
वो रोती होगी कि तू चला गया.
वो दिल ना समझेगा कि तू भला गया.

खुश हूं कि तू अब आबाद है।
जहां भी है, तू ज़िंदाबाद है।

क़ुदरत कितनी भी ज़ालिम रही ,
हर चुनौती पर तू कड़ा प्रहार था.
नमन तेरी यादों, तेरी ज़िन्दगी को,
तू बेशक शेर-सवार था.

खुश हूं कि तू अब आबाद है।
जहां भी है, तू ज़िंदाबाद है।

This is when we lost someone who was a pure soul. A strong hearted fighter! he fought till the very end. Only pain is that it wasn’t just people around him knowing that its getting hard for him to survive. He knew it too.

An 18 year old kid, the brave heart, who could feel it and see it getting closer but didn’t give up.

I never met him. In fact, I don’t think he knows me or my name as well. But whenever I got to hear about him, it was all love, affection & sacrifice.

Respect, love & peace to you, kiddo.