जज़्ब पर सवाल

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जज़्ब पर मेरे सवाल कर गए, जाते जाते।

खुशहाल था ज़हन मेरा, बदहाल कर गए, जाते जाते।

मासूम था वो कातिल, उसकी ख़ता नहीं, यारों!

हम भी तो मासूम के सवाल से मलाल कर गए, जाते जाते।

रब्ब का बन्दा

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रूह का सरल, रब्ब का बंदा था तू,
दर्द तो था, पर दिल से ज़िंदा था तू।
खुश हूं कि तू अब आबाद है।
जहां भी है, तू ज़िंदाबाद है।

माँ का लाडला, उसकी ज़िन्दगी का खूंटा था.
उसकी सुबह-शाम, दिन और रात, कुछ ना तुझसे छूटा था.
वो रोती होगी कि तू चला गया.
वो दिल ना समझेगा कि तू भला गया.

खुश हूं कि तू अब आबाद है।
जहां भी है, तू ज़िंदाबाद है।

क़ुदरत कितनी भी ज़ालिम रही ,
हर चुनौती पर तू कड़ा प्रहार था.
नमन तेरी यादों, तेरी ज़िन्दगी को,
तू बेशक शेर-सवार था.

खुश हूं कि तू अब आबाद है।
जहां भी है, तू ज़िंदाबाद है।

This is when we lost someone who was a pure soul. A strong hearted fighter! he fought till the very end. Only pain is that it wasn’t just people around him knowing that its getting hard for him to survive. He knew it too.

An 18 year old kid, the brave heart, who could feel it and see it getting closer but didn’t give up.

I never met him. In fact, I don’t think he knows me or my name as well. But whenever I got to hear about him, it was all love, affection & sacrifice.

Respect, love & peace to you, kiddo.

ग़लतफहमी

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माथे पर शिकन, सूरत मेरी सेहमी थी।

उंगलियों में कसक, सांसों में गेहमा-गेहमी थी।

जो समेटा उसने आगोश में, पल भर में बिखरी मैं,

“धड़कन ना बढ़ेगी” – ग़लतफहमी थी।

This for is for the moment when you’re about to lean in for your first hug. That first kiss.

It’s not just embracing the body but the emotion and the warmth as well. It’s not the fingers running across that bare skin or the lips dancing on their counterparts, it’s the passion that drives the moment.

You live this moment.

If this moment doesn’t bring goosebumps, I wonder what else would.

आयत

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चला जो सिलसिला-ए-वस्ल, रिवायत हो गई।

पढ़ना था जिसे किताब की तरह, वो आयत हो गई।

वो शख़्स जो ख़्याल है मेरी जुम्मे की शाम का,

पल मांगे उस से , सबाहशब्ब की इनायत हो गई।

Glossary –
वस्ल = meeting or union
रिवायत = tradition
आयत = holy verse
जुम्मा = Friday
सबाह = Dawn
शब्ब = Night

When a casual date turns into a friendship that blossoms to a deep connect with someone who was just a random person earlier. This is the person who turns out to be the reason for you to look forward to your weekends.. and weekends turn into a bliss in his/her company.

Cheers to this transition 😉